
अंधे हत्याकांड का कबीरधाम पुलिस ने किया 07 दिवस के भीतर पर्दाफाश
आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त खून आलूदा पत्थर, मृतक की मोटर सायकल एवं आरोपी के कपड़े बरामद
कवर्धा/दिनांक 15.07.2026 को थाना बोड़ला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के समीप एक अज्ञात व्यक्ति का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने की सूचना पर थाना बोड़ला में मर्ग क्रमांक 28/2026 धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान मृतक की पहचान उदय प्रताप सिंह राजपूत, पिता जितेन्द्र सिंह, उम्र 34 वर्ष, निवासी लवकुश नगर, जामुल, जिला दुर्ग के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं विवेचना मे प्राप्त साक्ष्य के आधार पर मृतक की मृत्यु सिर एवं सीने पर ठोस एवं भोथरी वस्तु से गंभीर चोट पहुंचने के कारण हत्यात्मक प्रवृत्ति की होना पाए जाने से थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 85/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SDOP बोड़ला अखिलेश कौशिक के नेतृत्व मे थाना बोड़ला एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम गठित कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी की गई।
विवेचना के दौरान मृतक के परिजनों एवं अन्य गवाहों से पूछताछ तथा टोल प्लाजा एवं भोरमदेव क्षेत्र के 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण पर यह तथ्य प्रकाश मे आया कि मृतक अंतिम बार अपने मित्र हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट के साथ मोटर सायकल क्रमांक CG 07 BM 6475 पर देखा गया था।
संदेही हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट, पिता मालासिंह, उम्र 45 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 27, घासीदास नगर, जामुल, थाना जामुल, जिला दुर्ग को हिरासत में लेकर तकनीकी साक्ष्यों एवं परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर पूछताछ किए जाने पर उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिनांक 14.07.2026 को वह मृतक को शराब पीने एवं घूमने के बहाने भोरमदेव-चिल्फी घाटी की ओर ले गया था। रास्ते में मोटर सायकल से गिरने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपी ने ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास पत्थर से मृतक के सिर एवं सीने पर प्राणघातक वार कर उसकी हत्या कर दी तथा शव को घटनास्थल पर छोड़कर मृतक की मोटर सायकल लेकर फरार हो गया।
आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त खून आलूदा पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े एवं मृतक की मोटर सायकल क्रमांक CG 07 BM 6475 को बरामद कर विधिवत जप्त किया गया। आरोपी से घटनास्थल का डेमो कराकर उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
आरोपी को दिनांक 22.07.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
उक्त अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में थाना प्रभारी बोड़ला निरीक्षक रुपक शर्मा, उपनिरीक्षक लक्ष्मीकांत शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक प्रहलाद चन्द्रवंशी, प्रधान आरक्षक 453 उमाशंकर नाग, 368 मनोज महोबिया, 422 नन्हे नेताम, आरक्षक 202 सुरेश धुर्वे, 205 पवन वर्मा, 588 अमर पटेल तथा साइबर टीम के सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रकांत तिवारी, प्रधान आरक्षक वैभव कल्चुरी, आरक्षक 374 अमित, 494 गज्जू राजपूत, 501 वारिस खान एवं सायबर टीम थाना जामुल, जिला दुर्ग की भूमिका सराहनीय रही।



