
अर्नब तूफान ने किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर फेरा पानी, सरकार तत्काल मुआवजा घोषित करे : सुनील केशरवानी
NR NEWS 24 छत्तीसगढ़ कवर्धा/ अर्नब तूफान के चलते पिछले 48 घंटों से छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कबीरधाम जिले के बोड़ला, कवर्धा, पंडरिया और सहसपुर लोहारा सहित सभी विकासखंडों में प्राकृतिक आपदा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने की स्थिति निर्मित हो गई है। वहीं सब्जी, गन्ना एवं उद्यानिकी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), जिला कबीरधाम ने किसानों के हित में महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर संपूर्ण छत्तीसगढ़ सहित कबीरधाम जिले को तत्काल चक्रवात प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी ने कहा कि किसानों का नुकसान केवल खेत में खड़ी फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उनके पूरे परिवार की आजीविका पर संकट है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ये किसी किसान की सिर्फ फसल नहीं है, ये उसके बच्चे की स्कूल की फीस है, उसके घर का राशन है, उसके परिवार की सालभर की मेहनत और उम्मीद है। अर्नब तूफान ने किसानों की इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जिस फसल को बेचकर किसान अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार का खर्च और सालभर की जरूरतें पूरी करने की तैयारी कर रहा था, वह फसल आज खेतों में बर्बाद हो रही है। ऐसे में किसान आखिर अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेगा और बैंक का कर्ज कैसे चुकाएगा?
उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। किसान भी अपने परिवार और बच्चों के साथ यह त्योहार खुशी से मनाना चाहता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। सरकार को चाहिए कि दीपावली के इस पावन अवसर पर किसानों को राहत देने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए, ताकि प्रभावित किसान भी अपने परिवार के साथ खुशियों का त्योहार मना सकें।
सुनील केशरवानी ने राज्य सरकार से मांग की कि इस गंभीर परिस्थिति में केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल आर्थिक राहत की घोषणा की जाए। राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर युद्धस्तर पर खेतों का सर्वेक्षण और गिरदावरी कराई जाए। किसानों को प्रति एकड़ वास्तविक फसल नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।
उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही महंगाई और कृषि लागत के बोझ से जूझ रहे किसान अब इस प्राकृतिक आपदा के कारण खरीफ सीजन का कृषि ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए कबीरधाम जिले सहित प्रदेश के प्रभावित किसानों का इस खरीफ सत्र का कृषि ऋण माफ किया जाए। ज्ञापन देने के समय कवर्धा ब्लॉक अध्यक्ष रुपेश यादव, अनुसूचित जनजाति विभाग के जिलाध्यक्ष मोती टेकाम, जगदीश बंजारे, आबताभ राजा, राकेश भट्ट, दलिचंद ओगरे सहित जनता कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे.
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की प्रमुख मांगें :
1. संपूर्ण छत्तीसगढ़ सहित जिला कबीरधाम को तत्काल चक्रवात प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए।
2. राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम से तत्काल गिरदावरी कराकर फसल नुकसान का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए।
3. किसानों को प्रति एकड़ वास्तविक नुकसान के आधार पर उचित एवं पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
4. प्रभावित किसानों का खरीफ सत्र का कृषि ऋण माफ किया जाए।
5. दीपावली के पूर्व प्रभावित किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी ने कहा कि सरकार किसानों की पीड़ा को समझे और संवेदनशीलता के साथ तत्काल निर्णय ले। आपदा के समय किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए। शासन-प्रशासन स्वयं खेतों तक पहुंचे और वास्तविक नुकसान का आकलन कर राहत सुनिश्चित करे।
उन्होंने महामहिम राज्यपाल एवं राज्य शासन से किसानों के हित में तत्काल दिशा-निर्देश जारी कर मुआवजे की घोषणा करने की अपील की, ताकि संकट की इस घड़ी में अन्नदाताओं को राहत मिल सके और वे भी दीपावली का त्योहार सम्मान एवं खुशियों के साथ मना सकें।






