
अभ्यर्थियों को डराने-धमकाने का खेल बंद करें गृह मंत्री विजय शर्मा — नवीन जायसवाल
कवर्धा/ पुलिस आरक्षक भर्ती के 1600 रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थी गृह मंत्री विजय शर्मा के गृह जिले कवर्धा में आंदोलन कर रहे हैं। गृह मंत्री अभ्यर्थियों से बात भी कर चुके हैं, लेकिन बातचीत के बाद भी यदि आंदोलनरत युवाओं पर दबाव बनाने, डराने-धमकाने या उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि विजय शर्मा अभ्यर्थियों से बातचीत करना कोई एहसान नहीं है। वे आपके सामने हाथ फैलाने नहीं आए हैं, वे अपना अधिकार मांगने आए हैं। अगर बातचीत के बाद भी उन्हें डराने-धमकाने का खेल चल रहा है तो यह आपकी कथनी और करनी का अंतर साफ दिखाता है।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जी युवाओं को डराकर आंदोलन खत्म नहीं होगा। जिन युवाओं ने अपनी मेहनत, तैयारी और उम्मीद के दम पर पुलिस भर्ती की परीक्षा दी है, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिवारों पर दबाव बनाने या अभ्यर्थियों को किसी भी तरह से भयभीत करने की कोशिश की गई तो कांग्रेस हर अभ्यर्थी के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी।
नवीन जायसवाल ने गृह मंत्री विजय शर्मा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आप गृह मंत्री हैं, युवाओं के संरक्षक बनने की जिम्मेदारी आपकी है। लेकिन अगर आप ही युवाओं को डराने का काम करेंगे तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा? सत्ता का इस्तेमाल सवाल पूछने वालों की आवाज दबाने के लिए नहीं, उनकी समस्या हल करने के लिए होता है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि 2020 में जब विपक्ष में थे तब विजय शर्मा जी ने कहा थी कि अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे और जब खुद गृहमंत्री है तो धमकी दे रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि 5967 स्वीकृत पदों में से 4367 पदों की सूची जारी हुई है और लगभग 1600 पद अभी भी रिक्त हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि इन रिक्त पदों को नियमानुसार भरा जाए और भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। यह कोई गैरकानूनी मांग नहीं है। फिर सरकार को इतना डर किस बात का है?
नवीन जायसवाल ने कहा कि विजय शर्मा जी राजनीतिक खेल खेलना है तो राजनीति के मैदान में खेलिए, लेकिन युवाओं के भविष्य के साथ खेल मत खेलिए। पुलिस अभ्यर्थियों को डराने-धमकाने का खेल बंद कीजिए। इन युवाओं के पीछे उनके परिवार हैं, उनके सपने हैं और उनके भविष्य की उम्मीदें हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में अभ्यर्थियों के हित में है तो बंद कमरे में आश्वासन देने के बजाय लिखित और समयबद्ध निर्णय लेकर 1600 रिक्त पदों की भर्ती पूरी करे। केवल बातचीत और आश्वासन से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।
नवीन जायसवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को डराया, धमकाया या उसके परिवार को परेशान किया गया तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। प्रशासन और भाजपा के नेताओं को समझ लेना चाहिए कि सरकार स्थायी नहीं होती। आज सत्ता में हैं तो कल सत्ता से बाहर भी हो सकते हैं। इसलिए सत्ता के अहंकार में युवाओं को दबाने की कोशिश न करें।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जी पुलिस अभ्यर्थियों को डराने के बजाय उनकी मांग का समाधान कीजिए। आपके गृह जिले में बैठे ये युवा आपकी नाकामी का सबसे बड़ा सवाल बन चुके हैं। इन्हें डराकर नहीं, न्याय देकर ही घर भेजा जा सकता है।









