पंडरियाकवर्धाछत्तीसगढ़

विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में ग्रामीण व आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, सहायक शिक्षकों की आपूर्ति एवं अवैध अतिक्रमण व यातायात का उठाया मुद्दा

विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में ग्रामीण व आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, सहायक शिक्षकों की आपूर्ति एवं अवैध अतिक्रमण व यातायात का उठाया मुद्दा

पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान लगातार जनहित व क्षेत्र से जुड़े प्रमुख विषयों को मुखरता से सदन के समक्ष रख रहीं हैं। आज विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने शासकीय विद्यालयों में सहयक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगरीय निकायों में अवैध अतिक्रमण और ग्रामीण व आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन तथा उनकी सुविधा के विषय में सदन के समक्ष प्रश्न पूछा।

इस दौरान विधायक भावना बोहरा ने वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की पूर्ति के लिए प्रश्न किया कि क्या राज्य के दूरस्थ, आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं? क्या शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पाने के परिणामस्वरूप ड्रॉप-आउट दर में वृद्धि हुई है? सरकार द्वारा रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति हेतु क्या कार्ययोजना एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है? जिसके लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में लगभग 25 हजार से अधिक सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं और कबीरधाम जिला अंतर्गत कवर्धा, बोड़ला, पंडरिया एवं सहसपुर लोहरा विकासखंड अंतर्गत 172 सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। मंत्री ने बताया कि सहायक शिक्षक पद के रिक्तियों की पूर्ति के लिए बस्तर एवं सरगुजा संभाग में सीधी भर्ती की गई है और युक्तियुक्तकरण के मध्यम से शिक्षकों की कमी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

भावना बोहरा ने आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के विषय में प्रश्न किया कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान, चयन एवं प्रशिक्षण हेतु कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं ? कबीरधाम जिले में विगत दो वर्षों में उक्त योजनाओं के अंतर्गत चिन्हित ग्रामीण एवं आदिवासी खिलाड़ियों की संख्या एवं उन्हें प्रदान किए गए? क्या कबीरधाम जिले में चयनित खिलाड़ियों हेतु आवासीय प्रशिक्षण, खेल उपकरण, पोषण एवं कोचिंग की समुचित व्यवस्था की गई है? कबीरधाम जिले में खेल प्रतिभा विकास हेतु पिछले दो वर्षों में कुल कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? जिसके लिखित उत्तर में माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव जी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान, चयन एवं प्रशिक्षण हेतु विगत 02 वर्षों से बस्तर ओलम्पिक एवं इस वर्ष से सरगुजा ओलंपिक योजना शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर, महिला खेलकूद प्रतियोगिता, ग्रामीण खेल अभ्यास योजना, छ.ग क्रीडा प्रोत्साहन योजना, खेलो इंडिया लघु केन्द्र संचालित है। कबीरधाम जिले में खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है। खेलो इंडिया के तहत कामठी में 15 बालक एवं 15 बालिकाओं को कबड्डी का नियमित कोचिंग दिया जा रहा है, जिसके लिए समुचित रूप से उपकरण एवं प्रशिक्षण उपलब्ध है। विभाग द्वारा संचालित खेल अकादमी में जिले से चयनित प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों को बीमा, चिकित्सा व्यय, खेल सामग्री एवं उपकरण, खेल परिधान, एकरूप परिधान, प्रतियोगिता के दौरान यात्रा व्यय, स्वल्पहार भत्ता, विशिष्ट प्रशिक्षण, एडवांस कोचिंग, आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय एवं खेलवृत्ति आदि सुविधाएं प्रदान किया जाता है। अकादमी के खिलाड़ियों का दुर्घटना एवं चिकित्सा बीमा करने का प्रावधान है। उन्होंने बताया की कबीरधाम जिला अंतर्गत खेल प्रतिभाओं के विकास हेतु वर्ष 2023-24 में 95 लाख 18 हजार 755 रुपए आबंटन किया गया जिसमें से 91 लाख 84 हजार 201 रुपए व्यय किया गया वहीं वर्ष 2024-25 में 60 लाख 6 हजार 594 रूपए आबंटन किया गया जिसमें 56 लाख 48 हजार 973 रुपए व्यय किया गया।

इस दौरान भावना बोहरा ने कृषि बजट अनुदान मांग पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए पंडरिया विधानसभा के गन्ना किसानों के हित, उन्हें उन्नत बीज की उपलब्धता ,समय पर भुगतान एवं समर्थन मूल्य में वृद्धि की मांग को प्रमुखता से सदन के समक्ष रखा। उन्होंने मांग रखी की पंडरिया क्षेत्र में गन्ना अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाए, जिससे किसानों को उन्नत किस्म के बीज और वैज्ञानिक तकनीक उपलब्ध हो सके। क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी विकसित कर किसानों को उन्नत बीजों के साथ आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाए। गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी मेहनत का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी आय सुरक्षित और स्थिर रह सके। सहकारी शक्कर मिलों को प्रत्येक वर्ष कार्यशील पूंजी के रूप में पर्याप्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए, जिसे बाद में समायोजित किया जा सके। जिन शक्कर मिलों पर ऋण का दबाव है, उन्हें राहत देने के लिए सॉफ्ट लोन की व्यवस्था की जाए। शक्कर मिलों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कृषि एवं शक्कर उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञों की संविदा आधार पर नियुक्ति की जाए। वहीं किसानों को तय समय में राशि का भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पपीता, टमाटर जैसे बागवानी खेती करने वाले किसानों को भी फसल बिमा योजना में शामिल करने की मांग रखी। इसके साथ ही ग्राम रणवीरपुर में उन्होंने कृषि महाविद्यालय की स्थापना करने की भी बात रखी।

विधायक भावना बोहरा ने नगरीय निकायों में अतिक्रमण एवं यातायात व्यवस्था के सन्दर्भ में प्रश्न किया कि विगत एक वर्ष में कबीरधाम जिले के अंतर्गत नगरीय निकायवार कितने अतिक्रमण चिन्हित किए गए, कितने हटाए गए तथा कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं? अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान रेहड़ी-पटरी व्यवसाइयों के विस्थापन एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु क्या-क्या प्रबंध किए जाते हैं? हटाए गए अतिक्रमण स्थलों पर पुनः अतिक्रमण रोकने हेतु कौन-कौन सी स्थायी व्यवस्थाएँ की गई हैं? अतिक्रमण के कारण उत्पन्न यातायात अवरोध एवं दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु कबीरधाम जिले में कौन-कौन से यातायात सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं? माननीय उप मुख्यमंत्री जी ने लिखित उत्तर में बताया कि विगत एक वर्ष में कबीरधाम जिले के अंतर्गत नगरीय निकायों में कुल 97 अतिक्रमण चिन्हित किए गए जिसमें 95 अतिक्रमण हटाए गए तथा वर्तमान में 2 अतिक्रमण लंबित हैं। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान रेहड़ी-पटरी व्यवसाइयों के विस्थापन एवं पुनर्वास हेतु भारत का राजपत्र असाधारण प्रकाशित दिनांक 20 मार्च 2015 पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 एवं छत्तीसगढ़ पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) नियम, 2015 के अंतर्गत प्रबंधन की कार्यवाही किया जाता है। निकाय द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किया जाता है। अतिक्रमण के कारण उत्पन्न यातायात अवरोध एवं दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु निकाय द्वारा यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर एवं संयुक्त टीम गठित कर, अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही की जाती है।

Nohar Das Manikpuri

Founder/Editor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button