
AAP से निष्कासन पर रावेंद्र रत्नाकर का बड़ा बयान — अगर सच बोलना गुनाह है, तो मैं यह गुनाह बार-बार करूंगा!
कबीरधाम। आम आदमी पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद युवा विंग के पूर्व जिला अध्यक्ष रावेंद्र रत्नाकर ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया है। अनुशासन समिति के फैसले को “भ्रामक और निराधार” बताते हुए उन्होंने कहा कि वे जनता की सच्चाई और कार्यकर्ताओं की आवाज़ उठाने के कारण सज़ा पा रहे हैं।
रावेंद्र रत्नाकर ने कहा —
“अगर सच बोलना और कार्यकर्ताओं की पीड़ा बताना अपराध है, तो मैं यह अपराध बार-बार करने को तैयार हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा संगठन की पारदर्शिता और जनता के हक़ में आवाज़ उठाई है।
“पार्टी व्यक्ति से बड़ी होती है, लेकिन जनता सबसे बड़ी होती है। मैंने जो प्रश्न उठाए, वो किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि जनता की उम्मीदों के पक्ष में थे।”
रावेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वे एक स्वतंत्र जनसेवक के रूप में जनता के मुद्दों और युवाओं की आवाज़ के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
“मैं किसी पद या प्रतीक से नहीं, जनता की ताक़त से जुड़ा हूँ। राजनीति नहीं, जनसेवा ही मेरा धर्म है।”
अंत में उन्होंने कहा —
“मैं छत्तीसगढ़ की इस पवित्र धरती का बेटा हूँ और इस धरती की जनता के लिए आख़िरी साँस तक लड़ता रहूँगा।”
जय हिंद! जय छत्तीसगढ़।






